शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
हि

HindustanPath

सत्य, निष्पक्ष और सटीक डिजिटल पत्रकारिता

ट्रेंडिंग:

समाचार एवं लेख खोजें

AdSense Responsive In-Article Top

जिसे अपनी दुनिया माना, उसी ने अकेला छोड़ दिया”।…

31 Oct, 2026 05:22 1 मिनट पठन 2 दृश्य 0 पसंद
शेयर:
जिसे अपनी दुनिया माना, उसी ने अकेला छोड़ दिया”।…
एक लड़की थी, जिसका नाम था मेरा वह बहुत खुश मिजाज थी, लेकिन उसके दिल में एक सपना था – कोई ऐसा हो जो उसे बिना कुछ कहे समझ जाए । एक दिन उसकी जिंदगी में एक इंसान आया धीरे-धीरे दोनों की बातें होने लगी । मेरा अपनी हर छोटी – बड़ी बात उसे बताती थी। अगर वह उदास होती, तो उससे बात करके मुस्कुरा देती थी मेरा को लगने लगा कि अब उसे हर दुख अकेले नहीं सहना पड़ेगा । एक दिन उसने उससे पूछा, “अगर मैं कभी उदास हो जाऊं, तो क्या तुम मेरे साथ दोगे ?” उसने मुस्कुरा कर कहा, “तुम्हें कभी अकेले महसूस नहीं होने दूंगा ।” मीरा ने उसकी बात पर विश्वास कर लिया ।❤️ लेकिन धीरे-धीरे सब बदलने लगा । अब उसके पास मेरा के लिए समय नहीं था । उसके संदेशों के जवाब देर से आने लगे। मेरा पूछता, “क्या हुआ ? तुम पहले जैसे क्यों नहीं रहे ? वह हर बार कहता, “कुछ नहीं, बस थोड़ा व्यस्त हूं ।” मेरा उसकी बात मान लेती, क्योंकि उसे उसे पर भरोसा था । एक रात मीरा बहुत उदास थी । उसकी आंखों में आंसू थे । उसने सोचा कि आज उससे बात करके अपना मन हल्का कर लेंगी। उसने संदेश भेजो – “सुनो आज, मेरा मन बहुत उदास है थोड़ी देर बाद कर सकते हो ?” काफी देर तक कोई जवाब नहीं आया । फिर जवाब आया – “अभी नहीं, बाद में बात करता हूं ।” मेरा लिए फोन रख दिया । उसे रात उसे पहली बार एहसास हुआ कि कभी-कभी हम किसी को अपनी जिंदगी से इतना जगह दे देते हैं कि उसके बदले जाने पर हमें खुद को संभालना मुश्किल लगने लगता है । अगले दिन मेरा ने उसे कोई शिकायत नहीं कि । उसने बस इतना कहा — “तुम्हें पता है, मैं तुमसे कभी ज्यादा समय नहीं मांगती थी । मुझे बस इतना चाहिए था कि जब मेरा मन उदास हो, तो तुम मेरी बात सुन लो । लेकिन शायद में भूल गई थी कि किसी के लिए हमारी जरूरत उतनी जरूरी नहीं होती, जितनी हमारे लिए उसकी होती हैं।” उसने संदेश पढ़ा, मगर कोई जवाब नहीं दिया । मीरा की आंखें भर आई । उसने फोन रख दिया और खिड़की के पास जाकर बैठ गई । कुछ देर बाद उसने अपनी डायरी खोली और लिखा— “आज मैंने एक बात सीखी है। किसी का साथ अच्छा लगता है, लेकिन अपनी सारी खुशियां किसी एक इंसान के भरोसे छोड़ देना ठीक नहीं। जो लोग हमारे जीवन में रहते हैं, वह प्यारे होते हैं, मगर हमें खुद से प्यार करना भी नहीं भूलना चाहिए ।” उसे दिन के बाद मीरा ने धीरे-धीरे खुद को समय देना शुरू किया हुआ अपनी पढ़ाई करने लगी अपने सपनों के लिए मेहनत करने लगी और छोटी-छोटी बातों में खुशियां ढूंढने लगी । वह अब भी उसे इंसान की परवाह करती थी, लेकिन उसने अपनी खुशी को सिर्फ उसके जवाबों से जोड़ दिया । एक दिन उसने अपनी डायरी में आखिरी पत्ती लिखी— “तुम मेरी जिंदगी का एक खूबसूरत हिस्सा थे, मेरी पूरी जिंदगी नहीं। तुम्हारे बदले जाने से मेरी दुनिया थोड़ी उदास ज़रूर हुई, लेकिन मेरी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।” 🌷🌸 ❤️‍🩹 कहानी से सीख कभी-कभी जिंदगी में लोग बदल जाते हैं, रिश्ते बदल जाते हैं और हमारी उम्मीद भी टूट जाती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारी खुशियां हमेशा के लिए खत्म हो गई । जो इंसान दूसरों को दिल से प्यार करना जानता है, उसे खुद को प्यार देना भी सीखना चाहिए । क्योंकि आपकी जिंदगी की कहानी में आप खुद की बहुत मान्य रखते हैं। 🥹🌹
In-Article Native Ad Placement

Targeted content recommendation slot

Nikki Gupta

Nikki Gupta

Author

दैनिक समाचार के संपादकीय विभाग के वरिष्ठ सदस्य। देश-दुनिया के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक आलेख।

Nikki Gupta के सभी लेख देखें →
AdSense Matched Content & Related Ads

पाठक टिप्पणियां (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। इस लेख पर अपनी प्रथम प्रतिक्रिया व्यक्त करें।

अपनी टिप्पणी लिखें