इसरो ने लॉन्च किया अगली पीढ़ी का नेविगेशन उपग्रह NVS-02, भारत की अंतरिक्ष संप्रभुता को नया संबल
जीएसएलवी रॉकेट से श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से हुआ सफल प्रक्षेपण
श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अपने सबसे शक्तिशाली जीएसएलवी रॉकेट के माध्यम से भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम ‘नाविक’ (NaVIC) की अगली पीढ़ी के उपग्रह NVS-02 को सटीक कक्षा में स्थापित किया।
यह उपग्रह न केवल भारत और उसके सीमावर्ती 1500 किलोमीटर के दायरे में अत्यंत सटीक स्थान निर्धारण (GPS-like positioning) सेवाएं प्रदान करेगा, बल्कि इसमें पहली बार स्वदेशी तकनीक से निर्मित रुबिडियम परमाणु घड़ी (Atomic Clock) भी लगाई गई है।
स्वदेशी तकनीक का अभूतपूर्व संगम
इसरो के अध्यक्ष ने वैज्ञानिकों के दल को संबोधित करते हुए कहा कि यह मिशन भारत को विदेशी नेविगेशन प्रणालियों पर निर्भरता समाप्त करने की दिशा में मील का पत्थर है। नागरिक विमानन, समुद्री नेविगेशन, आपदा प्रबंधन तथा रक्षा क्षेत्र में इस उपग्रह का उपयोग सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
"आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को अंतरिक्ष में साकार करते हुए हमारे वैज्ञानिकों ने स्वदेशी रुबिडियम परमाणु घड़ी के साथ उत्कृष्ट सटीकता हासिल की है।" — इसरो अध्यक्ष
मिशन के निदेशक के अनुसार, उपग्रह ने सौर पैनल्स को सफलतापूर्वक खोल लिया है और पृथ्वी के ग्राउंड स्टेशनों के साथ उसका संपर्क पूरी तरह स्थापित हो चुका है।
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Ananya Sen
Chief Technology CorrespondentReporting from the frontier of Artificial Intelligence, semiconductor fabrication, and digital space exploration.
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