भारतीय अर्थव्यवस्था ने छुआ 4.5 ट्रिलियन डॉलर का ऐतिहासिक आंकड़ा, विनिर्माण और डिजिटल सेवाओं में भारी उछाल
वैश्विक मंदी के दौर में भी भारत बना दुनिया का सबसे तेज़ी से बढ़ता आर्थिक इंजन
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी वित्तीय वर्ष की नवीनतम तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने आधिकारिक तौर पर 4.5 ट्रिलियन डॉलर की नॉमिनल जीडीपी का आंकड़ा पार कर लिया है।
इसके साथ ही भारत वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने के अपने लक्ष्य के और अधिक निकट पहुंच गया है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में 8.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई है।
आर्थिक वृद्धि के मुख्य आधार
- पूंजीगत व्यय (Capex): राजमार्गों, हाई-स्पीड रेलवे और आधुनिक बंदरगाहों पर सरकार का रिकॉर्ड निवेश।
- पीएलआई योजनाएं (PLI Schemes): सेमीकंडक्टर, सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स में वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभार।
- डिजिटल भुगतान (UPI): मासिक 16 अरब से अधिक डिजिटल लेन-देन के साथ वित्तीय समावेशन में वैश्विक मिसाल।
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और बैंकिंग प्रणाली की बैलेंस शीट पिछले दो दशकों में सबसे अधिक सुदृढ़ स्थिति में है।
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Vikram Malhotra
Senior Political & Policy EditorCovering national politics, public policy developments, and constitutional governance.
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