Narendra Jagte
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2 weeks ago
पहाड़ों का मौन चीत्कार: हिमालयी पारिस्थितिकी, अनियंत्रित निर्माण और प्रकृति का अंतिम अल्टीमेटम
विकास की अंधी दौड़ और अनियोजित सुरंग परियोजनाओं ने हिमालय की संवेदनशील ढलानों को खोखला कर दिया है। क्या हम प्रकृति की गंभीर चेतावनियों को समय रहते समझ पाएंगे?
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